15 Aug रुचक नामक पंचमहापुरुष योग कर्क लग्न By Ashwani Jain In रुचक नामक पंचमहापुरुष योग कर्क लग्न मंगल देवता कर्क लग्न कुंडली (जन्म कुंडली) में सम या योगकारक होकर केंद्र स्थान में चौथे भाव, सातवें भाव में उच्च के होकर और दशम भाव में स्वराशि का होकर बलि हो और डिग्री वाइज बलाबल अच्छा हो तो Read More Share: