Astrologer Ashwani Jain
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astrology basic

11 Aug

Some important things-कुछ महत्वपूर्ण बातें ।

  • By Ashwani Jain
  • In ज्योतिष के टिप्स और उपाय !
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ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
बच्चों को तुलसी तुलसी के पौधे को पानी देने से बुद्धि का विकास होता है। तुलसी के पौधे को रोज़ घी का दिया जलाने से भी बुद्धि का विकास होता है। सोते समय मोबाइल फ़ोन के साथ पानी नहीं रखना
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11 Aug

ग्रहों के कारकत्व-Planetary Factors

  • By Ashwani Jain
  • In ज्योतिष अर्क
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ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
                        ग्रहों के कारकत्व-: सूर्य देवता -पिता,सरकारी नौकरी,आत्मा,मान -यश,जीव,दिल,हड्डी,शासन का भी कारक है। चंद्र देवता -मन,माता,तरलता,मन के भाव,भावुकता अशांत मन,सबसे तेज़ चलने वाला ग्रह,मानसिक का भी कारक है। मंगल
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11 Aug

PLANET-ग्रह -:

  • By Ashwani Jain
  • In ज्योतिष अर्क
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ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
ग्रह -: हमारे सौर मंडल में अनगणित ग्रह है। हमारे शरीर में जिन ९ ग्रहों का प्रभाव पड़ता है,ज्योतिष शास्त्र में उन्ही नौ ग्रहों का अध्यन किया है जो इस प्रकार है :- १.सूर्य             
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11 Aug

जन्म कुंडली में इस्टदेव

  • By Ashwani Jain
  • In जन्म कुंडली में इस्टदेव
ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
जन्म कुंडली में इस्टदेव लग्न -भाव -देवता मेष -पंचम -सूर्य वृष-पंचम -बुध मिथुन -पंचम -शुक्र कर्क -पंचम -मंगल सिंह -पंचम -गुरु कन्या -पंचम -शनि तुला -पंचम -शनि वृश्चिक -पंचम -गुरु धनु -पंचम -मंगल मकर -पंचम -शुक्र कुम्भ -पंचम -बुध मीन
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11 Aug

गंडमूल नक्षत्र-Gandmul nakshatra

  • By Ashwani Jain
  • In ज्योतिष अर्क
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ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
गंडमूल नक्षत्र -: अश्विनी अश्लेषा मघा मुला ज्येष्ठा रेवती अगर दशा का प्रारम्भ केतु की दशा या बुध की दशा से होता है तो बच्चा गंडमूल में पैदा होता है ।
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11 Aug

ग्रह और ग्रहों के देवता-Gods of planets and planets

  • By Ashwani Jain
  • In ग्रह और ग्रहों के देवता, ज्योतिष अर्क
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ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
ग्रह और ग्रहों के देवता ग्रह -ग्रहों के देवता सूर्य -ब्रह्मा देवता चंद्र -शिवजी,शेरांवाली माता मंगल -हनुमान देवता,बजरंग बलि बुध -दुर्गा माता (कंजक) गुरु -विष्णु देवता शुक्र -वैभव लक्ष्मी,संतोषी माता,लक्ष्मी माता शनि -कृष्ण देवता,कान्हा देवता राहु -भैरव जी,शिवजी केतु -गणेश
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11 Aug

ग्रहों की दृष्टियां –

  • By Ashwani Jain
  • In ज्योतिष अर्क
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ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
ग्रहों की दृष्टियां – ग्रहो की दृष्टियों को जानने से पहले यह जानना होगा की इन दृष्टियों को इस विद्या में क्या अर्थ है? असल में दृष्टियों का अर्थ यही समझा जाता है की किसी भी चीज़ को नेत्रों से
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11 Aug

वक्रीय ग्रह-अस्त ग्रह

  • By Ashwani Jain
  • In ज्योतिष अर्क
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वक्रीय ग्रह-: परिभाषा-सभी ग्रह अपनी चल चलते-चलते वक्रीय होते है। सूर्य और चंद्र कभी भी वक्रीय नहीं होते और राहु केतु सदैव वक्रीय रहते है।जब कोई लग्न कुंडली में ग्रह वक्रीय होता है तो उसके परिणाम तीन गुना बढ़ जाता
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11 Aug

ग्रहों के रंग-Colour of Planet

  • By Ashwani Jain
  • In ज्योतिष अर्क
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ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
ग्रहों के रंग-: ग्रह -रंग सूर्या-संतरी चंद्र -सफ़ेद मंगल -लाल बुध -हरा गुरु -पीला शुक्र -चमकीला सफ़ेद शनि -काला राहु -नीला केतु -भूरा नोट -आपकी लग्न कुंडली में जो भी ग्रह योगकारक हो उनका रंग पहनने से उनका बल और
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11 Aug

सौम्य और क्रूर ग्रह- Benign and cruel planet

  • By Ashwani Jain
  • In ज्योतिष अर्क
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ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
सौम्य और क्रूर ग्रह -: सौम्य ग्रह – क्रूर ग्रह चंद्र             सूर्य बुध             मंगल गुरु             शनि शुक्र            राहु केतु अपने-अपने
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11 Aug

ग्रह की महादशा और अंतर्दशा का समय-Planetary mood and interval time

  • By Ashwani Jain
  • In ज्योतिष अर्क
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ग्रह की महादशा और अंतर्दशा दशा का समय -: ग्रह -महादशा का समय केतु -७ साल शुक्र -२० साल सूर्य -६ साल मंगल -७ साल राहु -१८ साल गुरु – १६ साल शनि -१९ साल बुध -१७ साल हरेक के
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11 Aug

ग्रहों का षड़बल-:

  • By Ashwani Jain
  • In ग्रहों का षड़बल, ज्योतिष अर्क
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ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
ग्रहों का षड़बल-: १.स्थान बल २.काल बल ३.चेष्ट बल ४.दिग बल ५.दृग बल ६.आयान बल जैसे इंसान दो पावों पर चलता है वैसे ही षड़बल और अंशमात्र (डिग्री) बलाबल के अनुसार ही ग्रह अपना फल देता है। दोनों में से
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11 Aug

विपरीत राज योग-परिभाषा

  • By Ashwani Jain
  • In विपरीत राज योग-परिभाषा
ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
परिभाषा -अगर लग्न कुंडली में त्रिक स्थान का मालिक (६,८,१२) त्रिक स्थान में ही बैठा हो तो वो अपनी दशा ,अन्तरदशा में सदैव अच्छा फल देता है पर लग्नेश बलि अवश्य होना चाहिए । लेकिन अगर लग्न कुंडली में लग्नेश
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11 Aug

राजयोग और योग की परिभाषा

  • By Ashwani Jain
  • In Ashwani jain astrologer, RAJYOG
राजयोग और योग की परिभाषा योग (युति योग)- दो ग्रहों का एक साथ बैठना ही योग कहलाता है। एक साथ बैठे ग्रहों को युति भी कहते है।योग जन्म लग्न कुंडली के मुताबिक अच्छा या बुरा फल
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11 Aug

विमल विपरीत राजयोग

  • By Ashwani Jain
  • In विमल विपरीत राजयोग
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विमल विपरीत राजयोग- अगर लग्न कुंडली में बाहरवें घर का मालिक ६,८,१२ भाव में पड़ा हो तो वो विमल विपरीत राजयोग माना जाता है । अगर बाहरवें भाव का मालिक ६,८,१२ में पड़ा हो और बुरे ग्रहों के साथ युति
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11 Aug

सरल विपरीत राजयोग

  • By Ashwani Jain
  • In सरल विपरीत राजयोग
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सरल विपरीत राजयोग- अगर लग्न कुंडली में आठवें घर का मालिक ६,८,१२ भाव में पड़ा हो तो वो सरल विपरीत राजयोग माना जाता है । अगर आठवें भाव का मालिक ६,८,१२ में पड़ा हो और बुरे ग्रहों के साथ युति
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11 Aug

हर्ष विपरीत राजयोग

  • By Ashwani Jain
  • In हर्ष विपरीत राजयोग
ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
अगर छठे भाव का स्वामी लग्न कुंडली में ६,८,१२ में बैठा हो तो उसे हर्ष विपरीत राजयोग कहा जाता है। लग्नेश अगर बली हो तभी ही विपरीत राजयोग के फल प्राप्त होंगे लग्नेश बली और डिग्री वाइज बलाबल होना जरूरी
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11 Aug

योग की परिभाषा-Definition of yoga

  • By Ashwani Jain
  • In योग की परिभाषा-Definition of yoga
ASHTROLOGER ASHWANI JAIN
योग (युति योग) की परिभाषा- दो ग्रहों का एक साथ बैठना ही योग कहलाता है। एक साथ बैठे ग्रहों को युति भी कहते है। योग जन्म लग्न कुंडली के मुताबिक अच्छा या बुरा फल देते है। शुभ योग जानने
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02 Aug

रक्षा बंधन मुहूर्त 28-08-2026

  • By Ashwani Jain
  • In रक्षा बंधन 28-8-2026 को भद्रा का साया पूरे दिन नहीं है।, रक्षा बंधन मुहूर्त 28-08-2026
रक्षा बंधन मुहूर्त 28-08-2026
रक्षा बंधन 28-8-2026 को भद्रा का साया पूरे दिन नहीं है। पूर्णिमा सुबह 9:47 तक रहेगी। राखी बांधने का समय -सुबह 6:02 से 9:47 तक ।दूसरा मुहूर्त (दोपहर) -12:28 से 2:00 बजे तक।वर्जित
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09 Jul

जगन्नाथ रथ यात्रा १६ जुलाई २०२६

  • By Ashwani Jain
  • In जगन्नाथ रथ यात्रा १६ जुलाई २०२६
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जगन्नाथ रथ यात्रा १६ जुलाई २०२६
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