कुम्भ लग्न की कुंडली में मंगल देवता अगर केंद्र भाव 1,4,7,10 में हो तो रुचक नामक पंच महापुरुष योग बनता है। लेकिन लग्नेश शनि बलि होना अवश्यक है। शनि देव नीच के ना हो।
नोट-ग्रह का
नवमांश कुंडली द्वारा फल विचारते समय जातक को जन्मकुंडली के ग्रहों को भी अवश्य ध्यान रखना चाहिए |अगर किसी जातक की लग्न कुंडली मे कोई ग्रह अच्छा हो और वही ग्रह नवमांश मे नीच का हो जाये तो या बुरे

